पारंपरिक खेती (गेहूं, मक्का, सोयाबीन) में अब किसानों को वो मुनाफा नहीं मिल रहा जिसके वो हकदार हैं। खाद-बीज का खर्च बढ़ता जा रहा है और आमदनी वही की वही है। ऐसे में, MahadeshTV आज आपके लिए लाया है एक ऐसा ‘कैश क्रॉप’ (Cash Crop) आईडिया, जो आपकी किस्मत बदल सकता है। Akarkara Farming
इस फसल का नाम है— अकरकरा (Akarkara)। यह एक औषधीय पौधा है जिसकी जड़ों और फूलों की मांग देश-विदेश में बहुत ज्यादा है। Akarkara Farming
आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि अकरकरा की खेती कैसे करें, इसमें कितना खर्च आता है, मुनाफा कितना होता है और इसे कहाँ बेचा जा सकता है। Akarkara Farming
1. अकरकरा क्या है और इसकी मांग क्यों है?
अकरकरा एक आयुर्वेदिक और औषधीय पौधा है। इसका उपयोग दांतों के मंजन, दर्द निवारक तेल, नसों की कमजोरी की दवा और कई तरह की आयुर्वेदिक औषधियाँ बनाने में होता है। इसकी जड़ों (Roots) की कीमत मंडी में क्वालिटी के हिसाब से 20,000 रुपये से लेकर 70,000 रुपये प्रति क्विंटल तक होती है।
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2. खेती के लिए सही समय और मिट्टी (Climate & Soil)
- मिट्टी: अकरकरा की खेती के लिए ऐसी जमीन सबसे अच्छी होती है जहाँ पानी न ठहरता हो। रेतीली दोमट मिट्टी (Sandy Loam Soil) इसके लिए सर्वोत्तम है। जलभराव वाली जमीन में इसकी जड़ें गल सकती हैं, इसलिए अच्छी निकासी वाली जमीन चुनें।
- समय: इसकी बुवाई का सबसे सही समय अक्टूबर से नवंबर (रबी सीजन) होता है। हालांकि, कुछ उन्नत किस्मों को खरीफ के मौसम में भी लगाया जा सकता है।
- तापमान: इसे बहुत ज्यादा ठंड या बहुत ज्यादा गर्मी से फर्क नहीं पड़ता, लेकिन जड़ों के विकास के समय सामान्य तापमान अच्छा माना जाता है।
3. खेत की तैयारी और खाद (Land Preparation)
- सबसे पहले खेत की 2-3 बार गहरी जुताई करें ताकि मिट्टी भुरभुरी हो जाए।
- गोबर की खाद: बुवाई से पहले खेत में सड़ी हुई गोबर की खाद (3-4 ट्रॉली प्रति एकड़) अच्छी तरह मिलाएं।
- रासायनिक खाद में आप डीएपी (DAP) और पोटाश का इस्तेमाल मिट्टी परीक्षण के आधार पर कर सकते हैं। Akarkara Farming
- दीमक से बचाव के लिए खेत तैयारी के समय नीम की खली या क्लोरोपायरीफॉस का उपयोग जरूर करें, क्योंकि इसकी जड़ें ही असली मुनाफा हैं।Akarkara Farming
4. बीज की मात्रा और बुवाई का तरीका (Sowing Method)
- बीज की मात्रा: एक बीघा जमीन के लिए आपको लगभग 1.5 किलो (डेढ़ किलो) बीज की आवश्यकता होगी। (एक एकड़ के लिए 3-4 किलो)।Akarkara Farming
- नर्सरी तैयार करना: अकरकरा को सीधे खेत में न बोएं। पहले इसकी नर्सरी तैयार करें। क्यारियों में बीज डालकर पौधे तैयार करें। जब पौधे 25-30 दिन के हो जाएं, तब उन्हें मुख्य खेत में लगाएं।
- रोपाई (Transplanting):Akarkara Farming
- पौधे से पौधे की दूरी: 1 फीट (या 10-12 इंच)।
- लाइन से लाइन की दूरी: 1 से 1.5 फीट रखें।Akarkara Farming
- बेड (Bed) बनाकर खेती करना सबसे अच्छा रहता है, इससे जड़ों का विकास अच्छा होता है।
5. सिंचाई और देखभाल (Irrigation)
- रोपाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें।Akarkara Farming
- अकरकरा को बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती। सर्दियों में 15-20 दिन के अंतराल पर पानी दें।
- ध्यान रखें कि खेत में पानी जमा न हो।Medicinal farming
6. कटाई, पैदावार और मुनाफा (Yield & Profit)
यह फसल 6 महीने में पककर तैयार हो जाती है।Medicinal farming
- हार्वेस्टिंग: लगभग 5-6 महीने बाद जब पत्तियां पीली पड़कर सूखने लगें, तब इसकी जड़ों की खुदाई कर लेनी चाहिए।
- फूलों की तुड़ाई: पौधे बड़े होने पर उन पर पीले रंग के फूल आते हैं (जिन्हें कलगी भी कहते हैं)। इन्हें भी तोड़कर और सुखाकर बेचा जाता है। आप महीने में 3-4 बार फूल तोड़ सकते हैं।
- उत्पादन: एक बीघा जमीन से आपको लगभग 5 से 6 क्विंटल सूखी जड़ें और बीज (फूल) मिल सकते हैं।
💰 मुनाफे का गणित (Business Model):
अगर मंडी में औसत भाव 40,000 रुपये भी मिले (जबकि भाव 70,000 तक जाता है) और आपका उत्पादन 5 क्विंटल हुआ:Medicinal farming
- कुल आय: 5 क्विंटल x 40,000 = 2,00,000 रुपये (प्रति बीघा)
- लागत: बीज, खाद और मजदूरी का खर्च निकालकर भी आप 1.5 लाख से 2 लाख रुपये प्रति बीघा आसानी से कमा सकते हैं। Medicinal farming
7. अकरकरा कहाँ बेचें? (Marketing)
किसानों की सबसे बड़ी चिंता होती है— “बेचेंगे कहाँ?” Aushadhiya kheti”
- नीमच मंडी (मध्य प्रदेश): यह भारत की सबसे बड़ी औषधीय मंडी है जहाँ अकरकरा हाथों-हाथ बिकता है।Aushadhiya kheti”
- लोकल एजेंट: आजकल हर जिले में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी खरीदने वाले एजेंट होते हैं।
- कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग: कई आयुर्वेदिक कंपनियां किसानों से पहले ही एग्रीमेंट कर लेती हैं।
महत्वपूर्ण नोट: बीज और मार्गदर्शन के लिए (Contact Us)
अगर आप अकरकरा की खेती शुरू करना चाहते हैं, लेकिन आपको समझ नहीं आ रहा कि असली बीज कहाँ से मिलेगा या शुरुआत कैसे करें, तो चिंता न करें। https://mdnews.in/आपको पूरी मदद देगा।Akarkara Farming
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